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उस दर्द को संभाल कर रखा है मैंने

कुछ नज़्में बना दी हैं।

हर सांचे में ढल जाती हूं मैं

जितना दर्द देती है जिंदगी मुझको
उतना ही लिखती चली जाती हूं मैं।

शिद्दत से अपना किरदार निभाती हूं मैं
बेरुखी की दलदल में धंसती चली जाती हूं मैं।

खुद को ही कठघरे में खड़ा करती हूं मैं
खुद पर ही तोहमतें लगाती हूं मैं।

आईने से रूबरू होना फितरत है मेरी
यूं चेहरे पर ऩकाब लगाना मेरी आदत ही नहीं।

ज़मीं से जुड़ी है शख्सियत मेरी
गुमान करने की फितरत ही नहीं।

जितने रंग बदलते हैं लोग
उतनी ही निखर जाती हूं मैं।

जज्बातों की मिट्टी से बनी हूं मैं
हर सांचे में ढल जाती हूं मैं।
#शालिनी

कत्ल की साज़िश

[4/16, 13:04] Shalini Agarwal: कत्ल की साज़िश
मेरे बचपन से जुड़ीं यह कहानी एक सत्य घटना पर आधारित है।
बात उस समय की है जब मैं आठवीं कक्षा में पढ़ती थी।
सम्मिलित परिवार में पले बढ़े होने के कारण रिश्तों के मायने खूब समझती थी।जैसी गरमाइश आजकल सगे रिश्तों में भी नहीं है, पहले मामा मौसी के बच्चों में भी हुआ करती थी।

दोपहर का समय था। गली में अचानक ज़ोर से रोते हुए मेरे पापा के चिल्लाने की आवाज़ आने लगी।वह कह रहे थे मम्मी अनु नहीं रहा! मम्मी अनु नहीं रहा!
अनु मेरे पापा के मामा का मंझला बेटा था।मामा परिवार से सभी लोगों का बहुत जुड़ाव था क्योंकि पापा के मुश्किल समय में मामा परिवार ने उनकी मदद की थी।

‌ पापा की चीख पुकार सुनकर मेरी दादी दौड़ी दौड़ी आईं।
दादी____ क्या हुआ रमेश बेटा?
तू क्या कह रहा है। पागल हो गया है क्या!
पापा ___ मम्मी मैं सच कह रहा हूं।
कल रात अनु का किसी ने कत्ल कर दिया।
दादी___ अरे! यह कैसे हो सकता है।कल ही तो मैंने उससे बात की थी। सब राज़ी खुशी था।

‌‌फिर पापा ने पूरी घटना विस्तार से बताई।शाम को अनु अंकल घर से कहकर निकले कि देर से वापस आऊंगा।जब बारह बजे तक वह नहीं लौटे तो घरवालों को चिंता होने लगी। ऐसे में उनकी पत्नी लिलि आंटी ने उन्हें कई बार फोन किया पर कोई जवाब नहीं मिला।वह गाड़ी निकालकर उनके दोस्त के घर की तरफ चल पड़ी जो कि लोनी रोड पर स्थित था।
[4/16, 13:46] Shalini Agarwal: लोनी रोड के नाम से ही मैं कांप उठती हूं सुनने में आता है वह अच्छा इलाका नहीं है।सारी वारदातें वहीं होती हैं।लिली आंटी ने अनु अंकल के घर का दरवाज़ा खटखटाया।

लिली__ ठक ठक ठक ठक

सूरी अंकल ( अनु अंकल के दौस्त) कौन है?

लिली____ मैं अनु की पत्नी लिली।
भाई साहब आपके घर का बोलकर गए थे। अभी तक नहीं आए।

सूरी____ भाभी जी यहां से गए हुए बहुत देर हो गई। कहीं और तो नहीं चले गए।
सूरी ने दरवाज़ा खोलने में आनाकानी की तो लिली आंटी का माथा ठनका। उन्होंने तुरंत पुलिस को इल्तला की।
[4/16, 20:47] Shalini Agarwal: पुलिस सूरी के घर पहुंची और तलाशी ली। वहां एक संदूक में अनु अंकल की लाश मिली।दोनों पति-पत्नी ने उनकी हत्या करके लाश को ठिकाने लगाने का प्लान बना रखा था।सूरी अनु अंकल का बिजनेस पार्टनर था।उसने बिजनेस में घपला किया और अनु अंकल का मुंह बंद करने के लिए उनका खून कर दिया।एक हंसते खेलते परिवार को उसने उजाड़ दिया।उसे पुलिस पकड़कर ले गई।

कुछ सालों बाद मैं अपने परिवार के साथ हरिद्वार गई तो सूरी वहां घूमता हुआ दिखाई दिया।मेरे पापा ने उसे पहचान लिया।वह शायद ज़मानत पर छूट गया था।

सच कहते हैं लोग कानून अंधा होता है।झूठे सबूतों के बिनाह पर मुजरिम छूट जाते हैं।

काश कोई ऐसा बसेरा होता

ना कोई तनहाई कभी तड़पती
ना कोई ख़ामोशी कभी सिसकती
ना कहीं कोई अंधेरा होता
काश कोई ऐसा बसेरा होता।

रिश्तों की गर्माईश से पर्यावरण दहकता
अपनों की महक से हर आंगन महकता
ना कहीं कोई अंधेरा होता
काश कोई ऐसा बसेरा होता।

दोस्तों की हंसी से महफिलें खिलतीं
चुटकियों में हर गुत्थी सुलझती
ना दर्द खुशियों का लुटेरा होता
काश कोई ऐसा बसेरा होता।
#शालिनी

Revive

Don’t scroll now so fast

U will be left then at last

Always think before u leap

Don’t regret when u cheat

Take a breath before a turn

Plan again before a hunt

Bonds will break if they are loose

Tie the knots before they fuse

Relations will again revive

Give them a fuel again ignite

या फिर तुम हो

सौंधी सौंधी सी खुशबू
आ रही है कहीं से
उस एहसास का जादू है
या फिर तुम हो
वो प्यारी सी बातें
महका रही हैं मन को
उस बात का जादू है
या फिर तुम हो
दिल की कश्ती
डगमगा रही है फिर से
उस जज़्बात का जादू है
या फिर तुम हो
जिंदगी आज गुनगुना रही है फिर से
उस गीत का जादू है
या फिर तुम हो
दिल की धड़कन
बढ़ रही है फिर से
उस हालात का जादू है
या फिर तुम हो
#शालिनी

Now the fools are on round
Let the wise be underground.

Let the whole world deceit
Let me now again retreat.

Waves on rise,tide is high
Blow a spark , again ignite.

Everything is now crystal clear
Who took d ransom who was d mayor.

I now cannot resist that thunder
Let it now become a blunder.

Let me chase ,let them run
Let me now enjoy that hunt.

Let me take a sweet nap
Let them fall into a trap.

Everything is now in vain
Allow my thoughts to drain again.

Now the devil’s be underground
Let the angels move in town.
#shalini